Tuesday, December 9, 2014

कुछ वृत्रांत, कुछ बातें



तो चलो मैनें हिंदी ब्लॉग के नाम पर कुछ लिखना तो शुरू किया.. यह ब्लॉग लिखते समय में दिल्ली - हबीबगंज शताब्दी ट्रैन से झाँसी से भोपाल आ रहा हूँ.. ट्रैन ललितपुर पहुँचने वाली है.. इस बार छत्तरपुर की यात्रा में सोचा ही था कि लौटते समय ट्रैन में कुछ लिखूंगा, कब से सोच रहा हूँ कि अब कुछ लिखूंगा पर कोई माहौल ही नहीं बन पा रहा था, चलो इस बार तो कुछ शुरुआत हुई..

वैसे ट्रैन यात्रा सुविधाजनक ही चल रही है और कुछ लोग है अभी जिन पर कुछ लिख सकता हूँ पर चलो छोडो, छत्तरपुर यात्रा की ही बात करते है.. छत्तरपुर हो या कोई अन्य शहर, जहाँ भी मैं रह चूका हूँ, इन सब शहरों का मेरे व्यक्तिव विकास में योगदान रहा है.. इनमे से कोई एक शहर को ही पूरा श्रेय नहीं दिया जा सकता है, यहाँ तक भोपाल को भी नहीं, जहाँ से थोड़ा अधिक ही जुड़ाव रहा है..

वैसे अभी यहाँ तक लिखने से पहले मुझे ललितपुर स्टेशन के बाद दूसरी खाली चेयरसीट में बैठने को मिल गई, यहाँ लैपटॉप चार्ज करने के लिए स्विच भी पास है दूसरा यहाँ विंडो सीट भी है!!

लो जी ट्रैन वाले खाना भी परोसने लगे है... बाकी ब्लॉग, खाने के बाद जारी रखूँगा..

खाना हो गया.. और ट्रैन अपनी चिर-परिचित तीव्रगति से भोपाल की और चली जा रही है.. शताब्दी ट्रैन से मेरा लगाव कुछ अलग ही रहा है. ग्वालियर में पर्यटन की पढाई की दौरान लगभग इसी ट्रैन से भोपाल आता जाता रहता था.. इसी ट्रैन के नए डब्बे पूरे यूरोपियन शैली के है जिनमे खिड़कियाँ काफी बड़ी होती है और आपको बाहर का बेहतरीन नज़ारा दिखाई देता है.. इसलिए इसकी सीट में आराम से बैठकर बाहर देखने का अनुभव भी कुछ और है और कितनी बार ही मैं पहले भी इसी ट्रैन में यात्रा के दौरान इसी अनुभव के साथ आत्म-चिंतन करता आया हूँ..


चलो बातें तो है खूब सारी, पर बाकी फिर कभी... अब तो भोपाल पहुँचने का इंतज़ार है, और फिर रोज़मर्रा के कामों में व्यस्त होने का!!

आज लग रहा है कि मैं अपने ब्लॉग को अपडेट कर पाउँगा, इसकी के साथ इस पोस्ट को यहीं खत्म करता हूँ..

2 comments:

Anonymous said...

Content is missing in above blog.it is more like your routine of life rather than kuch baatein and kuch vritant.shukriya:-)

blackoutpriest said...

Dear Anonymous

First of all thanks for going through it.. I know, right.. Its very random post..

Im sincerely trying to squeeze some time out from my schedule for blogging, with more "proper" content. Lets see :)

Regards.
Vippie