Friday, February 20, 2015

कुछ यूहीं ही, रात के पहर में ..



आज सोने से पहले लगा कि लगे हाथ एक ब्लॉग लिख लू ताकि मन में उमड़ते विचारों को थोड़ा सा विराम मिल जाएँ..

तो स्थान परिवर्तन का समय नज़दीक है, उत्साह के साथ थोड़ी सी झिझक है आने वाले कार्यों एवं गतिविधियों के लिए.. सामना करना है कुछ नई चुनौतियाँ का, निभानी है कुछ नई जिम्मेदारियाँ, कितना कुछ बदलने के कगार में है और कितना कुछ करना है.. इन सब के प्रति उत्साहित काफी हूँ क्योंकि कितना कुछ सीखने समझने को मिलने वाला है.. अब समय रहेगा थोड़े से संघर्ष एवं थोड़े से परिश्रम का.. थोड़ी सी झिझक भी है जगह बदलने को लेकर, फिर कईं सारी चीज़े की व्यवस्था भी करनी पड़ेगी..

पर इतना जरूर है कि अब मुझे इतना कुछ अपने काम एवं अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए करना है कि अब और नकरात्मकता के लिए समय नहीं.. बहुत आराम कर लिया मैने, अब करनी है सही मेहनत अपने लिए..

हाँ, पर इन सब व्यवसायिक अस्तव्यस्तता में अपने व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित होने से बचाऊंगा, विशेष रूप से अपने खास लोगो को मैं उपेक्षा का शिकार नहीं होने दूंगा, क्योंकि यही तो वह लोग रहे है जो  हर परिस्थिति में मेरे साथ रहे..

चलो इतना लिखने से मन में उत्पन्न हो रहे हलचल को बाहर निकलने का रास्ता तो मिला, आखिर में मन में एक सच्चे उल्लास का संचार हुआ, वर्तमान में उपस्थित एवं भविष्य में आने वाले बेहतरी के कार्यों के लिए , जिसके लिए मैं हमेशा अपने प्रिय महाकाल भगवान का शुक्रगुज़ार रहूँगा.